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पाकिस्तान से आकर भारत में बसा, जासूसी करने के कारण CID इंटेलीजेंस ने दबोचा

Adarsh Bharat Team | Nishu Malik

Updated on : August 22, 2022


पाकिस्तान से आकर भारत में बसा, जासूसी करने के कारण CID इंटेलीजेंस ने दबोचा


देश की राजधानी दिल्ली में बैठकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों (Pakistani intelligence agencies) की लिए जासूसी करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई जयपुर की सीआईडी इंटेलीजेंस पुलिस (CID Intelligence Police) ने की. जासूसी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी का नाम भागचंद बताया जा रहा है. वह दिल्ली में संजय नगर का रहने वाला है. उसे पकड़कर जयपुर लाया गया है. यहां उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि भागचंद मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है. वह वर्ष 1998 में वीजा लेकर पाकिस्तान से परिवार के साथ भारत आया था. यहां 2016 में उसने भारतीय नागरिकता हासिल कर ली. भागचंद दिल्ली में ही टैक्सी चलाकर रोजी रोटी कमाने लगा था.

जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में जयपुर इंटेलीजेंस पुलिस ने पिछले दिनों भीलवाड़ा से नारायणलाल नाम के युवक को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में नारायणलाल ने बताया कि वह पाकिस्तानी जासूसी एजेंसियों को मोबाइल सिम नंबर उपलब्ध करवाता था. नारायणलाल ने यह भी बताया कि उसने दिल्ली में मौजूद परिचित भागचंद की मदद से कई बार मोबाइल सिम जारी करवाकर इन नंबरों को चालू करवाया. फिर इन नंबर से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर ओटीपी नंबर पाकिस्तानी हैंडलर्स को बताकर मोटी रकम हासिल की.

मसाले की पैकिंग और कपड़ों में छिपाकर मुंबई भेजी थी सिम
उसके बाद सीआईडी पुलिस ने दिल्ली में भागचंद को पकड़ा. उससे गहनता से पूछताछ में सामने आया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर भागचंद ने मोबाइल सिम जारी करवाकर उनको मसाले की पैकिंग और कपड़ों में छिपाकर मुंबई में किसी व्यक्ति को पार्सल कर भेजा था. वह दो तीन साल पहले भी अपने नाम से मोबाइल सिम जारी करवाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को सौंप चुका था.

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिये काम करने वाले जासूस हैं रडार पर
यही नहीं इन नंबरों पर व्हाट्सऐप डाउनलोड करवाकर ओटीपी नंबर पाकिस्तान खुफिया एजेंसियों को भेजे थे. इन्हीं सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये पाकिस्तानी जासूस महिलाएं राजस्थान और देश के अन्य शहरों में सैन्यकर्मियों तथा अन्य युवकों को रुपयों के लालच देकर हनीट्रेप का शिकार बनाती हैं. बाद में उनसे भारतीय सामरिक महत्व की सूचनाएं हासिल करती हैं. पिछले काफी समय से ऐसे लोग सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में हैं.



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